➤ विधानसभा के बाहर BJP विधायकों का जोरदार प्रदर्शन, एंट्री टैक्स और पेट्रोल-डीजल सेस पर सरकार घिरी
➤ विपक्ष का आरोप- जल्दबाजी में लिए फैसलों से सीमावर्ती क्षेत्रों में बढ़ी परेशानी
➤ आज सदन में रोबोटिक सर्जरी, दूध भुगतान और विस्थापितों के मुद्दों पर हंगामे के आसार
शिमला। हिमाचल प्रदेश विधानसभा के बजट सत्र की कार्यवाही शुरू होने से पहले मंगलवार सुबह भारतीय जनता पार्टी के विधायकों ने विधानसभा परिसर के बाहर जोरदार प्रदर्शन किया। हाथों में नारे लिखी तख्तियां लेकर विपक्षी विधायक सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी करते नजर आए। प्रदर्शन का मुख्य मुद्दा एंट्री टैक्स में बढ़ोतरी और पेट्रोल-डीजल पर प्रस्तावित सेस रहा, जिसे लेकर विपक्ष ने सरकार को घेरने की रणनीति अपनाई है।
नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर ने सरकार पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि बिना सोचे-समझे और जल्दबाजी में लिए गए फैसलों का खामियाजा आम जनता को भुगतना पड़ रहा है। उन्होंने कहा कि एंट्री टैक्स में बेतहाशा बढ़ोतरी से विशेष रूप से वे क्षेत्र प्रभावित हो रहे हैं, जिनकी सीमाएं पंजाब, हरियाणा और अन्य पड़ोसी राज्यों से लगती हैं। सीमावर्ती इलाकों के लोगों को रोजमर्रा की आवाजाही में अतिरिक्त आर्थिक बोझ झेलना पड़ रहा है।
उन्होंने यह भी कहा कि पड़ोसी राज्यों में भी हिमाचल के इस फैसले का विरोध शुरू हो चुका है और लोग सड़कों पर उतरकर प्रदर्शन कर रहे हैं। जयराम ठाकुर ने केंद्र सरकार का हवाला देते हुए कहा कि जहां केंद्र ने पेट्रोल-डीजल की कीमतों को नियंत्रित रखने के लिए 10 रुपये प्रति लीटर सेस कम किया, वहीं हिमाचल सरकार 5 रुपये प्रति लीटर नया सेस लगाने की तैयारी कर रही है, जो आम आदमी की जेब पर सीधा असर डालेगा।
आज विधानसभा के भीतर भी कई अहम मुद्दों पर सदन के गरमाने के पूरे आसार हैं। रोबोटिक सर्जरी और एमआरआई मशीनों की खरीद को लेकर भाजपा के तीन और कांग्रेस के एक विधायक ने सवाल लगाए हैं। सदन में यह मुद्दा प्रमुखता से उठेगा कि प्रदेश के कितने अस्पतालों और मेडिकल कॉलेजों में यह सुविधा उपलब्ध है, एक मशीन की लागत कितनी है और कितनी मशीनों की आपूर्ति के आदेश जारी किए गए हैं। साथ ही टेंडर प्रक्रिया और स्टाफ की ट्रेनिंग पर भी सरकार से जवाब मांगा जाएगा।
इसके अलावा मिल्कफेड द्वारा किसानों और पशुपालकों को दूध की बकाया भुगतान राशि का मुद्दा भी सदन में जोर-शोर से उठेगा। बताया जा रहा है कि कई पशुपालकों को पिछले दो महीनों से भुगतान नहीं मिला, जिससे उनमें नाराजगी बढ़ रही है। भाजपा विधायक सत्तपाल सत्ती इस मामले को सदन में उठाएंगे।
PWD कार्यालय को थलोट से पंडोह शिफ्ट करने के फैसले पर भी हंगामे के आसार हैं। पूर्व चंद ठाकुर इस मुद्दे पर सरकार से जवाब मांगेंगे। वहीं भाखड़ा बांध विस्थापितों का मुद्दा भी विधानसभा में गूंजेगा, जिसे भाजपा विधायक त्रिलोक जम्वाल उठाने वाले हैं।
कुल मिलाकर आज का दिन विधानसभा में काफी गरम और राजनीतिक रूप से महत्वपूर्ण रहने वाला है, जहां सरकार को विपक्ष के तीखे सवालों का सामना करना पड़ सकता है।



